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Sunday, 27 September 2020

एक तरफ़ा आशिक़ . .

आज एहसासों को उमड़ने दो। पिछले काफी दिनों से कसक थी एक दिल में, कुछ जज़्बात दबे पड़े थे अंदर, नहीं निकलते कभी भी अगर घुटन ना होती तो।

दुनिया हमेशा सबसे खुशनुमा इंसान समझती है मुझे। क्यों? क्योंकि शायद मैंने खुद को ऐसे ही पेश किया है लोगों के सामने, लेकिन अब बस,अब वो दर्द नहीं सहा जाता है मुझसे,मेरे दर्द को आज अलफ़ाज़ बनने दो। कहते हैं कि दर्द को अगर ना सहलाओ अल्फाजों में तो नासूर की शक्ल अख़्तियार कर लेते हैं। इसलिए सोचा कि नासूर बनने से पहले इन्हें अल्फाज़ो की शक्ल दे दूँ।
बेइन्तहा मोहब्बत थी मुझे तुमसे। तुमहे तो पता ही था ना, सब कुछ जानती थीं तुम तो। कभी मेरे दिल में उमड़े उन ख़्यालों को भी भांप लेती, जिन्हें मैं ज़ाहिर भी करता था लेकिन तुम तो ठहरी बेपरवाह, उन सब ख़्यालों को इग्नोर ही कर देती थीं।
मैं शून्य हूँ अब। बस मुस्कुरा रहा हूँ मगर जानती हो, मैंने भी रोके रखा है, एक समुन्दर सा अपने अंदर मुस्कुराहट के पर्दों के पीछे।

तुम जा रही थीं और मैं पागल अपने छोटे से दिल को सिर्फ तसल्ली दे रहा था, वो भी बेवजह कि तुम हो अब भी मेरे पास।

तुम जानती हो, मैं कभी फेसबुक खोलूँ तो उसपे 'what's on your mind' देख कर सबसे पहला ख़्याल क्या आता है ? 'सिर्फ तुम' और फिर जादू होता है,अचानक ही तुम्हारा नाम उँगलियाँ टाइप करने लगती हैं। फिर कहीं पोस्ट ना जाने के डर से सब कुछ डिलीट कर देता हूँ।

तुम जानती हो ना मुझे तुम्हारा नाम कितना पसंद था? दिन में एक बार ज़रूर सर्च करता हूँ तुम्हें फेसबुक पर और सबसे पहले नज़र जाती है तुम्हारी डीपी पर। तुम्हें तो पता ही है कि तुम्हारे बाद मेरे पास ही तुम्हारी तस्वीरों का सबसे बड़ा कलेक्शन था। चिंता मत करो अभी तक वो सारी तस्वीरें मेरे पास हैं और उन्हें मिसयूज़ नही करूँगा। प्यार किया है तुमसे, तुम्हारी इज्ज़त मेरी जान से बढ़कर है। बस सब कुछ हाईड करके रखा हुआ है। दिल के एक कोने में छुपा कर रखीं हैं तुम्हारी यादें।

सभी नाते खत्म हो गए हैं अब तुम्हारे साथ लेकिन मेरे autocorrect में अभी तक तुम्हारा नाम छाया हुआ है।
तुम सोच रही होगी कि शायद खुश हूँ मै, हँस रहा हूँ, मगर तुमने अभी तक आँखे नही पढ़ी हैं मेरी, खाली आँखे। मेरे जज़्बातों को कभी पढ़ने की कोशिश करना, फिर शायद तुम्हें एहसास हो जाये कि मैंने अपने आप को ही खो दिया तुम्हें पाने की इंतहा में।

बहुत मासूम सी हो और बहुत प्यारी भी हो, मगर सुनो ना, तुम अब मिल नहीं सकती मुझे।इसलिए जाओ अब, खुश रहो आबाद रहो हमेशा।

कुछ वक़्त तो लगेगा अब नासूर भरने में लेकिन निशान कभी नहीं जायेंगे।

#Smitlife