अच्छा हुआ तुम हार गए, जीतने पर लिखता तो लोग समझते कि आज ठुकठुकाने वाला खेल गया तो लोग उसके लिए लिख रहे हैं। पहली बार तुमको बेसहारा सा महसूस किया, वो तीन बार 2 लेने के बाद जिस तरीके से तुम हाँफ रहे थे मुझे लगा कि मेरी दुनिया रुक गई है, बगल में बैठा दोस्त बोला कि शेर सच में बूढ़ा हो गया है लेकिन उसकी अगली लाइन ये थी कि, हार फिर भी नहीं मानेगा।
मैंने आखिरी के 4 ओवर तक किसी से कुछ नहीं कहा।
क्या कहता?
ये कि आखरी बॉल तक मुझे भरोसा है, जब तक माही क्रीज़ पर है। या ये कि, मुझे जीतता या हारता हुआ माही नहीं सिर्फ माही पसंद है।
आज पहली बार लगा कि क्यों तुम्हारी उम्र इतनी बढ़ गई?
आज पहली बार महसूस हुआ कि माही अब सच में थक जाता है। विकेट के बीच दौड़ने में अब उसको दिक्कत हो रही है, वो पहले जितना फुर्तीला नहीं रहा शायद।
हां, लेकिन इससे मोहब्बत कम नहीं होती है। जैसे तुम आखिरी तक लड़ते हो, हम आखिरी तक तुम्हारे साथ रहेंगे।
जीत और हार तो इस मोहब्बत को कम और ज्यादा कर ही नहीं सकती।
बगल में बैठा मित्र कह रहा था कि भले ही ठुक ठुका कर खेलें, लेकिन है तो भगवान ही! कैसे कोई नफरत कर सकता है इस इंसान से, ये हारता भी है तो शान से।
छोड़ो कोई बात नहीं, अगले मैच में ट्राई करना, फिट नहीं हो तो मत खेलना। मेरे लिए क्रिकेट की परिभाषा तुम ही हो। हारने पर इसीलिए लिख रहा हूँ ताकि ये एहसास बना रह सके कि हम बनावटी नहीं हैं।
छक्के मारने वाला माही सबको पसंद है, हांफ कर, हेलमेट खोल कर, अपने सांसों को ठीक करने वाला माही सिर्फ मुझे।
जीत और हार से इतर, तुम बेहतर खेले, तुम जैसे खेलते हो वैसे खेलते रहना।
ये टीवी, आईपीएल, टीम, लोग, क्रिकेट सब तुम्हारे कर्जदार रहेंगे। अंत में फिर से स्वाति मिश्रा की वो लाईन की, "हमने लंबे बालों वाले माही से लेकर सफेद दाढ़ी वाले एम एस को देखा है"
#msd ♥️♥️♥️♥️